योग और रिलैक्सेशन (Yoga and Relaxation)

by Acharya Shashikant · 2 comments

दैनिक जीवन में उपस्थित परिस्थितियों से हमारा शरीर और मन तनाव महसूस करता है. योग से शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक तनावों से मुक्ति मिलती है. कैसे दूर करें रोजमर्रा के तनावों को योग के माध्यम से?

योग और रिलैक्सेशन का गहरा सम्बन्ध है.  हम रोजमर्रा की जिन्दगी में विभिन्न चीजों और परिस्थितयों से गुजरते हैं.  दैनिक जीवन में उपस्थित परिस्थितियों से हमारा शरीर और मन तनाव महसूस करता है.  योग साधना करने से तन, मन सहित आत्मिक तनाव भी कम होता है. 

शारीरिक तनाव से मुक्ति (Physical Relaxation)
योग शारीरिक तनाव कम करने में बहुत ही कारगर होता है.  योग की क्रियाओं में जिस प्रकार से मांसपेशियों में खिंचाव होता है और उन्हें जिस प्रकार से घुमाया जाता है उससे मांसपेशियों में मौजूद तनाव दूर होता है.  योग के दौरान मांसपेशियों के मूवमेंट से शरीर रिलैक्स होता है.  शरीर के जिस अंग में तनाव होता है उसे योग की क्रियाओं से आसानी से समझा जा सकता है और उस अंग के लिए उपयुक्त योग द्वारा तनाव को दूर किया जा सकता है. 

मानसिक तनाव से मुक्ति (Mental Relaxation)
प्रतियोगिताओं एवं प्रतिस्पर्धा से भरी आज की जि़न्दगी में मनसिक तनाव हमेशा बना रहता है.  मानसिक तनाव की स्थिति में कई प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं.  मेडिकल साइंस योग को मानसिक तनाव से मुक्ति प्रदान करने हेतु उपयोगी साधन के रूप में देखता है.  जो लोग नियमित योग करते हैं वे लोग आमतौर पर मानसिक तनाव से मुक्त रहते हैं.  मानसिक तनाव से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे हाईपर टेंन्सन, उच्च रक्तचाप पर नियमित योग करने वाले काबू रख पाते हैं.  श्वास सम्बन्धी क्रियाओं से मन को शांति और रिलैक्स मिलता है. 

आत्मिक शांति (Spritual Relaxation)
जब शरीर और मन तनाव मुक्त और रिलैक्स होता है तब आत्मिक संतोष प्राप्त होता है.  आत्मिक संतोष से अन्तरात्मा शांति और सुकून प्राप्त करता है.  अन्तरात्मा की संतुष्टि से अन्तर्दृष्टि जागृत होती है.  चेतना के जागृत होने से वातावरण और परिवेश के साथ संयोग स्थापित करना आसान होता है.  यह अपने आस पास के सम्बन्धों के बीच ताल मेल स्थापित करने में भी सहायक होता है. 

yogavani_001_159429918.jpgरिलैक्शेसन की पद्धतियां (Relaxation Techniques)
रिलैक्शेसन की कई विधियां अथवा पद्धतियां हैं.  अपनी अपनी सुविधाओं के अनुसार इन पद्धतियों को अपनाया जा सकता है.  रिलैक्शेसन की पद्धतियों में रिलैक्स प्रदान करने वाले लेख को सुनना, योग निद्रा एवं बॉडी मूवमेंट प्रमुख रूप से प्रयोग में लाया जाता है. 

रिलैक्शेसन प्रदान करने वाले लेख
रिलैक्शेसन प्रदान करने वाले कुछ आलेख लिखकर अपनी आवाज में रिकार्ड करके सुन सकते हैं.  चाहें तो अपने साथी की आवाज को रिकार्ड करके सुन सकते हैं.  बाज़ार में कई कैसेट और डिस्क भी उपलब्ध है जिन्हें सुना जा सकता है.  ध्वनियों को सुनते समय आंखों को मुंद कर शब्दों को ध्यान केन्द्रित करना लाभप्रद होता है. 

योगनिद्रा (Yoga Nidra)
योगनिद्रा रिलैक्शेसन के लिए अति उत्तम माना जाता है.  इसे किसी अच्छे योग गुरू से सीखकर ही अभ्यास करना चाहिए.  इससे शरीर चेतना शून्य होकर मन आत्मा में निरूपित हो जाता है.  इस क्रिया से शरीरिक और मानसिक रूप से शांति एवं नई उर्जा का संचार होता है. 

बॉडी मूवमेंट
रिलैक्शेसन के लिए बॉडी मूवमेंट भी कामयाब साधन है.  शरीर के जिस अंग में तनाव की अनुभूति होती है उसे धीरे धीरे घुमाने से उस अंग में मौजूद तनाव दूर होता है और रिलैक्स महसूस होता है. 

रिलैक्शेसन के फायदे (Benefits of Relaxation)
रिलैक्शेसन शरीर और मन दोनों के लिए बहुत ही आवश्यक है.  रिलैक्शेसन से मन और शरीर स्वस्थ रहते हैं.  अगर रिलैक्शेसन के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं तो शरीर और मन धीरे-धीरे बोझिल और थका थका लगने लगता है.  वास्तव में रिलैक्शेसन से मस्तिष्क में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है और ताजगी महसूस होती है.  शरीर और मन से तनाव दूर होता है और कार्यात्मक शक्ति बढ़ती है. 

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कुश February 17, 2009 at 11:18 am

बहुत ही उम्दा कॉन्सेप्ट है इस ब्लॉग का.. बढ़िया जानकारी मिली..

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kamal chandna March 3, 2009 at 3:32 pm

Pl.tell in detail about hypothyroidism.
Solution : not medicine but yog exercise.

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