
शीर्षासन अपने नामानुसार सिर से किया जाने वाला व्यायाम है.इस आसन में सिर, गर्दन, कमर, रीढ़ की हड्डियो का व्यायाम होता है.इस आसन के अभ्यास से इन अंगों को लाभ मिलता है.
जानू शीर्षासन के लाभ – Benefits of Janu Sirsasana Yoga
जानू शीर्षासन (Janu Sirsasana) से पैरों के पीछले भाग में मौजूद तनाव दूर होता है.आसन के अभ्यास से पैरों में दर्द से राहत मिलती है.
यह योग कमर और रीढ़ की हड्डियों मे स्थित तनाव को कम करने में भी लाभकारी है.
जानू शीर्षासन अवस्था (Janu Seeersasana yoga mudra )
इस योग (Janu Sirsasana or Janu Sheershanana) की मुद्रा में पेट को जांघ से मिलाने की कोशिश करना चाहिए न कि सिर को घुटनों से.योग की मुद्रा के दौरान घुटने और हिप्स जमीन से लगे हों इस बात का ख्याल रखना चाहिए.अगर घुटने जमीन से नहीं लग रहे हों तो दोनों पैरों को थोड़ा फैला सकते हैं.पहली बार आप इस योग मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो पैरों को सीधा ज़मीन पर टिकाए रख पाना कठिन मालूम होता है.इस स्थिति में प्रयास के दौरान रीढ़ की हड्डी सीधी रहे इस बात का ख्याल रखना चाहिए.सहायता के लिए चाहें तो पैरो को पट्टी लपेट कर उसे दोनों हाथों से कसकर पकड़ें और अपनी ओर खींचकर रखते हुए सिर का झुकाकर रखने की कोशिश करें.
सावधानी
अगर घुटनों में किसी प्रकार की परेशानी हो अथवा रीढ एवं कमर में तकलीफ हो तो इस योग मु्द्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए.
योग क्रिया – Janu Sirsasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 पलथी लगाकर बैठें.
- स्टेप 2 बाएं पैर को मोड़कर दाएं जांघ में सटाएं.इस स्थिति में दायां घुटना ज़मीन से लगा होना चाहिए.
- स्टेप 3 सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं.
- स्टेप 4सांस छोडते हुए हिप्स से दाएं पैर की ओर झुकने की कोशिश करें.
- स्टेप 5 पेड़ु को जंघा से लगाएं.मेरूदंड सीधी रहे इस बात का ख्याल रखना चाहिए.
- स्टेप 6 ऐड़ियों को आगे बढ़ाएं और शरीर के ऊपरी भाग को पीछे की ओर ले जाने की चेष्टा करते हुए आगे की ओर झुकें.
- स्टेप 7 इस मुद्रा में 15 से 30 सेकेण्ड तक बने रहें.
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good for newparactioner but what is for advanced stage practioner.thanks.