
खड़े रहकर किये जाने वाले योगों से शरीर के सभी अंगों का साथ व्यायाम हो जाता है और शरीर में एक साथ स्फूर्ति और उर्जा का संचार होता है.ऐसे ही योगों में से एक है नमस्कार या प्रार्थना मुद्रा.यह एक आसान परंतु बहुत ही लाभप्रद योग है.कठिन योगों को करने से पहले किये जाने वाले आसनों में यह भी एक है.
नमस्कार और प्रार्थना मुद्रा से लाभ – Benefits of Namaskar Yoga
इस योग के क्रम में आप अपने शरीर में नीचे से ऊपर तक खिंचाव महसूस कर सकते हैं.इससे शरीर के सभी अंगों में रक्त संचार तेजी से होता है.शरीर के सभी अंग सक्रिय और उर्जावान होते हैं.यह योग स्वास्थ्य को संतुलित रखने में सहायक होता है.नमस्कार मुद्रा से कलाईयों के जोड़ों में तनाव कम होता है और लचीलापन बढ़ता है.
नमस्कार मुद्रा अवस्था – Namaskar Yoga Posture
जब आप नमस्कार योग कर रहे हों उस समय जैसे जैसे आप अपने कंधों को घुमाते हैं वैसे वैसे आप अपने सीनों में ऊपर की ओर खिंचाव महसूस कर सकते हैं.कंधों का अनुसरण करते हुए दोनों बाजूओं को गोल घुमाएं और दोनों हाथों को सीने के मध्य लाएं.यह क्रिया आरामदायक होनी चाहिए जिससे कोहनियों एवं बाजूओं को आरामदायक स्थिति का एहसास हो.नमस्कार की स्थिति में दोनों हथेलियां के बीच हल्का दबाव होना चाहिए.
नमस्कार मुद्रा क्रिया – Namaskar Yoga Step by Step
- स्टेप 1 नमस्कार मुद्रा के लिए शांत मन के साथ तन कर खड़ा होना चाहिए.
- स्टेप 2 कोहनियों को मोड़कर हथेलियों को आमने सामने रखें.3 दोनों हथेलियों को आपस में मिलाएं.
- स्टेप 4 कंधों को घुमाते हुए हथेलियों को सीने के मध्य लाएं.इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि दोनों हाथों के अंगूठे सीने से लगे हों.