
हमारे शरीर के पीछे मेरूरज्जु Spine होता है.यह कमर से लेकर गर्दन तक होता है.मेरूरज्जु या मेरूदंड हमारे शरीर को आधार देता है जिससे शरीर तन कर खड़ा रहता है.यह जितना मजबूत और लचीला होता है शरीर उतना ही सक्रिय होता है.स्पाईनल रोल ऐसी योग मुद्रा है जिससे मेरूदंड का पूरा व्यायाम हो जाता है.
स्पाईनल रोल के लाभ – Benefits of Spinal roll Yoga
स्पाईनल रोल व्यायाम मेरूदंड को उर्जावान बनाने के लिए बहुत ही अच्छा योग है.लम्बे समय तक जब खड़े रहना होता है तब शरीर के पीछले हिस्से में तनाव बन जाता है.यह योग शरीर के पीछले भाग में मौजूद तनाव से राहत दिलाने में कारगर होता है.स्पाईनल रोल से मेरूदंड में लचीलापन आता है और शरीर हल्का महसूस होता है.लोअर बैक में किसी प्रकार की परेशानी को दूर करने में भी यह काफी सहायक होता है.
स्पाईनल रोल की अवस्था – Spinal roll Awastha
स्पानल रोल की क्रिया में पीठ को गोल घुमाने की जगह आप चाहें तो खड़े होने की मुद्रा में बैठकर पीछले हिस्से को ज़मीन से जितनी ऊचाई तक ले जा सकते हैं ले जाकर दोनों हाथों से ज़मीन को छूने की क्रिया करते हैं तो इससे मेरूदंड की हड्डियों पर अधिक बल भी नहीं पड़ता है और लाभ भी पूरा मिलता है.इस क्रिया को करते समय ध्यान रखना चाहिए कि शरीर के नीचले भाग पर अधिक बल नहीं पड़े.जब आप स्पाईनल रोल की योग मुद्रा करते हैं उस समय आप अपनी रीढ़ की हड्डियों के हर जोड़ को मेरूदंड की दिशा में नीचे की ओर खींचता हुआ महसूस करते हैं.
सावधानियां
जिन लोगों को उच्च रक्तचाप सम्बन्धी शिकायत हो उन्हें यह योग किसी कुशल योग प्रशिक्षक की देख रेख में ही करना चाहिए.


योग क्रिया – Spinal roll Yoga Step by Step
- स्टेप 1 दोनों घुटनों को मोड़ कर तलवों पर शरीर का वजन डाल कर बैठें.
- स्टेप 2 दोनों हाथों की हथेलियों को ज़मीन से टिकाएं.शरीर के पीछले भागों को ऊपर उठाते हुए धीरे धीरे सांस छोड़े.
- स्टेप 3 हाथों को ज़मीन की ओर झुकाएं और शरीर के ऊपरी हिस्से को ज़मीन की ओर मोड़ें.
- स्टेप 4 सांस लेते हुए शरीर को धीरे धीरे वापस पूर्ववत स्थिति में लाएं.
- स्टेप 5 स्पाईन सीधा होने के बाद अंत में सिर और गर्दन को उठाएं.योग के दौरान शरीर को हल्का रखना चाहिए एवं सिर, गर्दन और कंधों को आरामदायक स्थिति में बनाए रखें.