
पद्मासन का अर्थ है कमल के समान मु्द्रा.यह मु्द्रा मानसिक शांति प्रदान करने वाला और सुख की अनुभूति देने वाला है.पद्मासन कई रोगों में भी लाभकारी है.स्वास्थ्य एवं मानसिक शांति की कामना करने वालों को नियमित इस योग का अभ्यास करना चाहिए.
पद्मासन लाभ – Benefits of Padmasana Yoga
पद्मासन पैरों के जोड़ों में मौजूद तनाव को दूर करता है एवं वात सम्बन्धी रोग में भी लाभकारी होता है.इस आसन के नियमित अभ्यास से कमर दर्द और इस भाग मे मौजूद तनाव से भी राहत मिलता है.यह आसन मन को एकाग्र और स्थिर चित्त करने में भी सहायक है.श्वास सम्बन्धी विसंगतियों को दूर करने के लिए भी इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है.स्मरण शक्ति के लिए भी पद्मासन उत्तम.इस आसन से रीढ़ की हड्डियों का भी व्यायाम हो जाता है.
पद्मासना अवस्था- Padmasana Yoga Posture and Technique
पद्मासन करते समय मेरूदंड, कमर और सिर को सीधा रखना चाहिए.मन को अन्य बातों से हटाकर मस्तिष्क में स्थिर करने की चेष्टा करनी चाहिए.इस मुद्रा में आंखो को बंद कर लेना चाहिए इससे आपको रिलैक्स मिलता है.
सावधानियां
जब घुटनों एवं हिप्स में किसी प्रकार की तकलीफ हो उस समय पद्मासन नहीं करना चाहिए.
योग की क्रिया – Padmasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 पलथी लगाकर बैठ जाएं.
- स्टेप 2 दाएं पांव के ऊपर अपना बायां पैर रखें और जहां तक हो सके पैरों को नाभि के पास लाने की कोशिश करें.
- स्टेप 3 अपने हाथों को जंघाओं पर रखें.
- स्टेप 4 शरीर के ऊपरी भाग को सीधा रखें.
- स्टेप 5 कुछ पल इस मुद्रा में बनें रहे.इस योग की मु्द्रा को पैरो की स्थिति बदलकर भी दुहराना चाहिए.