देवी मुद्रा – Devi Mudra Yoga Posture and Technique Step by Ste

by Acharya Shashikant · 0 comments

देवी मुद्रा को विजयी मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है.यह मुद्रा आसान और सरल है.इस योग मु्द्रा का अभ्यास भी खड़ा होकर किया जाता है.देवी मुद्रा बहुत कुछ पंचतारा और ताडासन योग मुद्रा से मिलता जुलता है.देवी मुद्रा के लाभ एवं अन्य बातों को आइये जानें.

देवी मुद्रा के लाभ – Benefits of
देवी मुद्रा के अभ्यास से हृदय और हिप्स का व्यायाम होता है.यह मु्द्रा शरीर के इन अंगों के लिए फायदेमंद है.शरीर के नीचले अंग भी इस योग से दृढ होते हैं.शरीर में रक्त संचार को सुचारू एवं उर्जावान बनाये रखने के लिए भी इस योग का अभ्यास किया जा सकता है.यह योग आत्मविश्वास और शक्ति का एहसास दिलाता है.महिलाओं के लिए भी यह योग बहुत ही लभप्रद है.यह योग महिलाओं में सकारात्मक उर्जा को जगा ता है।

देवी मुद्रा अवस्था
– Devi Mudra Yoga Posture and Technique
इस मुद्रा का अभ्यास करते समय इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि आपके घुटने अधिक फैले हुए नहीं हों.इस योग मुद्रा में अगर बाहों और कंधों पर अधिक तनाव का एहसास हो तो   आराम के लिए आप अपनी हथेलियों को जंघाओं पर रख सकते हैं.

सावधानी

जब पैरों में किसी प्रकार की परेशानी हो उस समय इस योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए.हिप्स, कमर और कंधों में तकलीफ महसूस होने पर भी देवी मुद्रा का अभ्यास नही करना चाहिए.

योग क्रिया
– Devi Mudra Yoga Step by Step

  • स्टेप 1 पंचतारा मुद्रा में खड़े हो जाएं.
  • स्टेप 2 दाएं पैर को दायी ओर और बाएं पैर को बायीं ओर 45 डिग्री. घुमाएं.
  • स्टेप 3 घुटनों को मोड़ें और हिप्स को ज़मीन की दिशा में नीचे लाएं.
  • स्टेप 4 केहुनी को मोड़ें.उंगलियां छत की दिशा में सीधी हों.
  • स्टेप 5 हथेलियों को घुमाएं और चेहरे की दिशा में लाएं.
  • स्टेप 6 सिर को सीधा रखें और सामने देखें.
  • स्टेप 7 इस अवस्था में 30 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहें.

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