
उत्कट आसन को कुर्सी मुद्रा भी कह सकते हैं.इस मुद्रा में कुर्सी पर बैठने के समान शरीर की स्थिति होती है.इस आसन का अभ्यास खड़ा होकर किया जाता है.इस योग आसन में कमर और धड़ का व्यायाम होता है.यह आसन का लाभ, असन की अवस्था एवं योग क्रिया को आइये देखें.
उत्कट आसन के लाभ – Benefits of Utkatasana Yoga
इस आसन से शरीर के नीचले हिस्से कमर, घुटने एवं पैरो में दृढता आती है.योग की इस मुद्रा से रीढ की हड्डियों को भी लाभ पहुंचता है.उत्कट आसन से कंधों और छाती में खींचाव होता है.
उत्कट आसन अवस्था – Utkatasana Yoga Posture and Technique
उत्कट आसन के अभ्यास के समय जब आप घुटनों को मोड़ते हैं उस समय धड़ को धीरे धीरे जंघाओं के ऊपर लाना चाहिए.सिर को मेरूदंड की सीध में रखना चाहिए.कुर्सी पर बैठने की मुद्रा में जब आप हिप्स को नीचे लाते हैं उस समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घुटनों और कमर पर अधिक बल नहीं लगे.घुटनों को हिप्स से नीचे नहीं लाना चाहिए.अभ्यास के समय पैरों को ज़मीन पर दृढ़ता के साथ टिकाए रखना चाहिए.तनाव को कम करने के लिए सहज रूप से श्वास प्रश्वास करते रहना चाहिए.
योग क्रिया – Utkatasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 तन कर खड़े हो जाएं.
- स्टेप 2 सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं.
- स्टेप 3 सांस छोड़ते हुए घुटनों को उस स्थिति तक मोड़ें जैसे कि आप कुर्सी पर बैठे हों.
- स्टेप 4 सिर को छत की दिशा में सीधा रखें और सामने देखें.
- स्टेप 5 इस मुद्रा में 10 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहें.
- स्टेप 6 वापस सामान्य स्थिति में लौटते हुए सांस लें और पैरो को सीधा करें.
- स्टेप 7 सांस छोड़ते हुए हाथों को सहज मुद्रा में ले आएं.