
त्रिकोण मुद्रा का अभ्यास खड़ा रहकर किया जाता है.यह मु्द्रा पार्श्व कोणासन से मिलता जुलता है.इस योग से हिप्स, पैर, टखनों, पैरों और छाती का व्यायाम होता है.यह मु्द्रा कमर के लिए भी लाभप्रद है.इस मुद्रा का अभ्यास किस प्रकार करना चाहिए.इस मुद्रा की अवस्था क्या है एवं इससे क्या लाभ मिलता है आइये इसे देखें.
त्रिकोण मुद्रा के लाभ – Benefits of Triangle Pose Yoga
आप नियमित रूप से त्रिकोण मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो शरीर से तनाव दूर होता है और लचीलापन आता है.इस योग के अभ्यास से हिप्स ,पैर, टखनों एवं पैरो में दृढता आती है और इनमें लोच बना रहता है.योग की इस मुद्रा से रीढ़ की हड्डियां सीधी रहती है एवं छाती फैलती है.
योग अवस्था – Triangle Pose Yoga Technique
त्रिकोण मुद्रा में अलाईनमेंट का विशेष महत्व है.इस योग के अभ्यास के समय सिर, कंधा और हिप्स एक स्थिति में रहना चाहिए.रीढ़ की हड्डी को मोड़ना नहीं चाहिए.इस योग मुद्रा का अभ्यास करते समय शरीर एक सीध में रहे इसके लिए दीवाल से लगकर खड़े हो सकते हैं.इस योग में जब आप शरीर का भार एड़ियों पर डालते हैं उस समय पैरो को ज़मीन पर दृढ़ता के साथ टिकाए रखना चाहिए.
सावधानी
जब कमर में तकलीफ या परेशानी हो उस समय इस योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए.
योग क्रिया – Triangle Pose Yoga Step by Step
- स्टेप 1 विश्राम की मुद्रा में खड़े हो जाएं.
- स्टेप 2 दाएं पैर को 3 से 5 फीट फैलाएं.
- स्टेप 3 बाएं पैर को 45 डिग्री और दाएं पैर को 90 डिग्री मोड़े.
- स्टेप 4सांस लेते हुए कंधों की ऊँचाई में बांहों को फैलाएं.इस स्थिति में हथेलियों को ज़मीन की दिशा में रखना चाहिए.
- स्टेप 5 हिप्स को पीछे ले जाएं और शरीर के ऊपरी भाग को दायीं ओर लाएं.
- स्टेप 6 सांस छोड़ते हुए दायी हथेली को दांए पैर के पीछे ले जाएं.
- स्टेप 7 बाएं हाथ को छत की दिशा में ऊपर ले जाएं.
- स्टेप 8 सिर को बायें हाथ की दिशा में घुमाकर देखें.इस अवस्था में मेरूदंड सीधा और गर्दन रिलैक्स होना चाहिए.
- स्टेप 9 इस मुद्रा में 10 से 30 सेकेण्ड तक बने रहें.