
मृत शरीर जैसे निष्क्रिय होता है उसी प्रकार इस आसन में शरीर निष्क्रिय मुद्रा में होता है अत: इसे शवासन कहा जाता है. इस आसन का अभ्यास कोई भी कर सकता है. यह शरीर को रिलैक्स प्रदान करने वाला योग है. इस आसन का अभ्यास किस प्रकार करना चाहिए एवं यह आसन किस प्रकार लाभप्रद होता है आइये इसे देखें.
शवासन के लाभ Benefits of Savawana Yoga
थकान एवं मानसिक परेशानी की स्थिति में यह आसन शरीर और मन को नई उर्जा प्रदान करने वाला है. मानसिक तनाव को दूर करने के लिए भी इस आसन का अभ्यास बहुत ही अच्छा होता है. योग अभ्यास के दौरान सबसे अंत में इसका अभ्यास करना चाहिए इससे शरीर रिलैक्स हो जाता है. सिर दर्द, अनिद्रा और चिंता की स्थिति में शवासन बहुत ही लाभप्रद होता है.
योग अवस्था Savasana Yoga Techniques
इस योग का अभ्यास करते समय सिर से लेकर पांव तक रिलैक्स महसूस करना चाहिए. आसन के दौरान मन को श्वास प्रश्वास एवं शरीर पर केन्द्रित रखना चाहिए. अगर इस आसन का अभ्यास लम्बे समय तक कर रहे हों तब शरीर को चादर से ढ़क लेना चाहिए. योग मुद्रा के दौरान मृत शरीर की तरह शरीर को स्थिर रखना चाहिए यानी हिलना डुलना नहीं चाहिए. अगर कमर या रीढ़ में किसी प्रकार की परेशानी हो तो घुटने के नीचे कम्बल अथवा तकिया रख सकते हैं. आप चाहें तो पैरों को कुर्सी पर भी टिका सकते हैं.


योग क्रिया – Savasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 पीठ के बल लेट जाएं. इस अवस्था में पैर ज़मीन पर बिल्कुल सीधे होने चाहिए.
- स्टेप 2 सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को अपनी अपनी दिशा में हल्का सा घुमाएं.
- स्टेप 3 दोनों हाथों को शरीर के दोनो तरह हिप्स से 6 से 8 इंच की दूरी पर फैलाकर रखें. इस स्थिति में हथेलियों को छत की दिशा में रखें.
- स्टेप 4 सांस छोड़ते हुए कंधे को ज़मीन से लगाएं और बांहों को कंधे से दूर ले जाएं.
- स्टेप 5 आंखों को धीरे धीरे बंद करें और इस मुद्रा में 5 से 20 मिनट तक बने रहें.