
सुप्त पादांगुष्ठान पैरों, हिप्स, जंघाओं और टखनों के लिए उत्तम व्यायाम होता है.इस आसन का अभ्यास आप किस प्रकार से कर सकते हैं एवं इस आसन के क्या लाभ होते हैं.आइये इसे देखें.
सुप्त पादांगुष्ठासन के लाभ Benefits of Supta Padangusthasana Yoga
इस आसन से पैरों की मांसपेशियों को बल मिलता है. पैरों में रक्तसंचार सुचारू हो पाता है. पैरों में थकान और दर्द की स्थिति में इस आसन का अभ्यास लाभप्रद होता है.कमर में मौजूद तनाव को दूर करने के लिए भी यह आसन बहुत ही लाभप्रद होता है.हिप्स, टखनों, जंघओं में मौजूद तनाव को दूर करने के लिए भी यह आसन फायदेमंद होता है.
सुप्त पादांगुष्ठासन अवस्था – Supta Padangusthasana Yoga Technique
जो लोग सुप्त पांदांगुष्ठासन का अभ्यास शुरू करना चाहते है उन्हें शुरू में एक फीता लेकर इसकी मदद से योग का अभ्यास करना चाहिए इससे योग करना आसन होता है.इस फीते को तलवों पर लपेट कर पैरों को सहारा दिया जाता है.अभ्यास के समय फीते को बहुत कसकर नहीं पकड़ना चाहिए.योग मुद्रा के समय जिस पैर को ऊपर उठा रहे हों उस ओर हिप्स जमीन पर टिका होना चाहिए.तलवे छत की दिशा में होने चाहिए.
सावधानी
जो लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हों उन्हें इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए.हिप्स, कमर अथवा पैरो में जब किसी प्रकार की परेशानी हो उस समय इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए.आसन के समय सिर के नीचे कम्बल मोड़कर रख लेना चाहिए.
योग क्रिया – How to do Supta Padangusthasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 पीठ के बल लेट जाएं. पैर ज़मीन से लगाकर सीधा एवं हिप्स की चौड़ाई में फैलाकर रखें.
- स्टेप 2 दाएं घुटने को मोड़ें और छाती की ओर खींचे. इस अवस्था में बाएं पैर को सीधा ज़मीन पर टिकाए रखें.
- स्टेप 3 दांए पैर तलवे के बीच में फीता लपेट कर उसे दोनों हाथों से पकड़ कर रखें.
- स्टेप 4 योग मुद्रा के दौरान बांहों और कंधों को ज़मीन से टिकाकर रखें.
- स्टेप 5 सांस लेते हुए दाएं पैर को छत की ओर ऊपर उठाएं.
- स्टेप 6 दाएं हिप्स को जमीन की ओर हल्का सा दबाएं और दायीं ऐड़ी को छत की दिशा में उठाएं.पैर की उंगलियों को शरीर की ओर मोड़ें.
- स्टेप 7 इस मुद्रा में 30 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहें. स्टेप 8 सांस छोड़ते हुए पैर को नीचे समान्य स्थिति में ले आएं.
- स्टेप 9 इस क्रया को दोनों ओर 1 से 8 बार दुहराएं.