सालभ आसन – Salabhasana Yoga Posture and Technique Step by Step,

by Acharya Shashikant · 0 comments

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सालभ आसन के लाभ – Benefits of Salabhasana Yoga
सालभ आसन भी कमर और पैरों के लिए लाभकारी होता है. इस आसन के अभ्यास से पैर और कमर से दृढ़ता आती है. पाचन तंत्र की कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए भी यह आसन बहुत ही लाभकारी होता है.

सालभ आसन अवस्था – Salabhasana Yoga Techque
इस आसन का अभ्यास करते समय इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि पैर ज़मीन से बिल्कुल भी नहीं लगना चाहिए. इस आसन में सबसे अहम है पैरों को जितना संभव हो सीधा रखना चाहिए फिर हवा में ऊपर की ओर उठाना चाहिए.जब आप पैरों को ऊपर उठा रहे हों उस समय इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि कमर पर जोर नहीं पड़े और गर्दन एवं कंधे रिलैक्स रहें. अगर इस आसन को करने में कठिन महसूस हो तो इस स्थिति में अर्ध सलभासन का अभ्यास पहले करना चाहिए इससे इस आसन का अभ्यास करना आसान हो जाएगा.

सावधानियां
इस आसन का अभ्यास उस स्थिति में नहीं करना चाहिए जब कि गर्दन और कमर में किसी प्रकार की परेशानी हो. पेट में तकलीफ होने पर भी इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए.

योग क्रिया – Salabhasana Yoga Step by Step

  • स्टेप 1 ज़मीन पर उलटा लेट जाएं. इस अवस्था में पैर हिप्स के समानांतर होने चाहिए.
  • स्टेप 2 बांहों को शरीर की ओर रखें एवं हथेलियों को ज़मीन से लगाकर रखें.
  • स्टेप 3 ठुडी को ज़मीन से लगाकर रखें.
  • स्टेप 4 बांहों को बारी बारी से शरीर के नीचे ले जाएं और उंगलियों को आपस में बांध लें.
  • स्टेप 5 कंधों को रिलैक्स रखें और बांहों को सीधा करते हुए हाथों को फैलाएं.
  • स्टेप 6 सांस छोड़ते हुए पेडु और हिप्स को ज़मीन की दिशा में दबाएं.
  • स्टेप 7 पैरों को बाहर की ओर खींचे और सांस लेते हुए दोनों पैरों को छत की दिशा में ऊपर उठाएं.
  • स्टेप 8 हाथ और बांहों को ज़मीन की ओर दबाएं.
  • स्टेप 9 इस अवस्था में 5 से 30 सेकेण्ड तक बने रहें.
  • स्टेप 10 सांस छोड़ते हुए धीर धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं.

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