
पार्श्व नमस्कार मुद्रा नमस्कार मुद्रा की तरह ही है.दोनों में अंतर सिर्फ इतना है कि नमस्कार मुद्रा में नेत्र की दिशा में नमस्कार किया जाता है और पार्श्व नमस्कार विपरीत दिशा में किया जाता है.इस मुद्रा में कोहनियों एवं कंधों में खिंचाव होता है साथ ही इस योग से बाजूओं, कलाईयों, हाथों और उंगलियों में लचीलापन आता है.
पार्श्व नमस्कार मुद्रा अवस्था – Parsva Namaskar Yoga Posture
इस मुद्रा में सीने के पार्श्व भाग में हाथों को जितना ऊपर उठा सकते हैं उठाएं.इस क्रिया में विशेष बल नहीं लगाएं, आराम पूर्वक हाथ जितना पीछे की ओर जाएं ले जाएं.क्रिया अगर अधिक कठिन लगे तो कोहनियों को उसी स्थिति तक लाएं जहां तक आपको आराम महसूस हो.
सावधानियॉ
जब कंधों, बाजूओं अथवा कोहनियों में किसी प्रकार की परेशानी हो उस स्थिति में यह योग नहीं करना चाहिए.
पार्श्व नमस्कार की क्रिया – Parsva Namaskar Yoga Step by Step
- स्टेप 1 नमस्कार मुद्रा की भांति ही सीधे तन कर खड़ें हों.
- स्टेप 2 अपने दोनों हाथों को पीछे ले जाएं.
- स्टेप 3 उंगलियों को आमने सामने ज़मीन की दिशा में मिलाएं.
- स्टेप 4 कलाईयों को घुमाकर उंगलियों को सिर की दिशा में लाएं.
- स्टेप 5 जितना संभव हो अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं.