
अर्ध चन्द्रासन अपने नामानुसार है.इस मुद्रा में शरीर को अर्ध चन्द्राकार घुमाया जाता है.इस योग का अभ्यास भी खड़ा रहकर किया जाता है.यह आसन पूरे शरीर के लिए लाभप्रद है.इस योग मुद्रा का क्या लाभ है.इस योग का अभ्यास कैसे कर सकते हैं एवं इसकी अवस्था क्या है.आइये इसे देखते हैं.
अर्ध चन्द्रासन के लाभ – Benefits of Ardha Chandrasana Mudra Yoga
यह शरीर में उर्जा का संचार करने वाली योग मुद्रा है.इस योग के अभ्यास से बगल के भागो का व्यायाम होता है और इस भाग में स्थित तनाव दूर होता है.इस योग मुद्रा से शरीर में लचीलापन आता है.यह रक्त संचार को भी सुचारू बनाता है.
अर्ध चन्द्रासन अवस्था – Ardha Chandrasana Mudra Yoga Posture and Technique
इस योग का अभ्यास करते समय शरीर के झुकाव का ध्यान रखना जरूरी होता है.इसका अभ्यास करते समय जहां तक संभव हो अपने शरीर को बगल की ओर झुकाने की कोशिश करना चाहिए.इस मुद्रा को करने से पूर्व शरीर को दोनो तरफ से लचीला बनाने के लिए 2 से तीन बार शरीर को घुमाना चाहिए.बांहों को नीचे झुकाने के लिए रीढ की हड्डियों पर अधिक बल नहीं लगाना चाहिए.अभ्यास के समय कंधे और पीछे के भाग रिलैक्स रहें इसके लिए छाती और हिप्स को सामान्य और सहज स्थिति में रखना चाहिए.
सावधानी
कमर और कंधो में जब तकलीफ या किसी प्रकार की परेशानी हो उस समय इस योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए.
योग क्रिया – Ardha Chandrasana Mudra Yoga Step by Step
- स्टेप 1 तन कर खड़े हो जाएं.
- स्टेप 2 बाहों को कंधों की ऊँचाई में सीधा रखें.
- स्टेप 3 हथेलियों को छत की ओर घुमाएं.
- स्टेप 4 गहरी सांस लें और हाथों को एक साथ ऊपर ले जाए.
- स्टेप 5 उंगलियों को आपस में बांध लें और दोनों हाथों की तर्जनी उंगली को छत की ओर रखे.
- स्टेप 6 सांस लें और ऐड़ियों को ज़मीन की ओर दबाएं.स्टेप 7 सांस छोड़ते हुए जहां तक संभव हो कमर को दायीं ओर झुकाएं.स्टेप 8 हिप्स को कुछ बायीं ओर दबाएं.
- स्टेप 9 सिर को हाथ की ओर लाएं और सामने देखें.
- स्टेप 10 इस मुद्रा में 15 से 30 सेकेण्ड तक बने रहें.
- स्टेप 11 सांस लेते हुए सीधा हो जाएं.
- स्टेप 12 इस मुद्रा को दूसरी ओर भी करें.