
प्रसारित पादोत्थान आसन में पैरो को दोनों तरफ फैलाकर सामने की ओर झुककर योग मुद्रा का अभ्यास किया जाता है. इस योग मुद्रा का अभ्यास भी उत्तानासन के समान खड़े होकर किये जाने वाले योग के बाद किया जाना चाहिए. इस योग का अभ्यास करते समय किस प्रकर की सावधानी रखनी चाहिए एवं इसका अभ्यास कैसे किया जाना चाहिए आइये देखें.
प्रसारित पादोत्थान आसन के लाभ – Benefits of Padottanasana Yoga
प्रसारित पादोत्थान आसन के अभ्यास से शरीर के ऊपरी भागों में स्थित तनाव से राहत मिलती है. इस आसन से शरीर के ऊपरी भागों में रक्त संचार की गति सुचारू रहती है. इस आसन का अभ्यास आप शारीरिक थकान को दूर करने के लिए भी कर सकते हैं. पैरों को तनाव रहित एवं लचीला बनाये रखने के लिए भी इस योग का अभ्यास किया जा सकता है.
प्रसारित पादोत्थान अवस्था – Padottanasana Yoga Posture and Technique
इस योग का अभ्यास करते समय दोनों पैरों के बीच कम से कम 3 फीट की दूरी होनी चाहिए. लम्बाई के अनुसार यह दूरी घटायी और बढ़ायी जा सकती है. इस मुद्रा का अभ्यास करते समय अगर हथेलियों से भूमि का स्पर्श करना कठिन लगता है तो आप अपनी हथेलियो को कमर पर अथवा घुटनों के ऊपर रख सकते हैं.
सावधानियां
उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को इस मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए. जिनकी कमर में तकलीफ हो उन्हें स्वस्थ होने के बाद ही अभ्यास करना चाहिए. सिर दर्द होने पर इस योग मुद्रा का अभ्यास नही करना चाहिए. जिन्हें चक्कर आता हो उन्हें इसका अभ्यास कुशल प्रशिक्षक की देख रेख करनी चाहिए.
योग क्रिया – Padottanasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 सीधा खड़े हो जाएं.
- स्टेप 2 हाथों को हिप्स पर रखें.
- स्टेप 3 दाएं पैर को दायीं ओर 2 से 3 फीट फैलाएं.
- स्टेप 4 सांस छोड़ते हुए हिप्स से आगे की ओर झुकें.
- स्टेप 5 हथेलियों को ज़मीन से लगाएं. इस अवस्था में बांहो को मोड़ना नहीं चाहिए.
- स्टेप 6 अपनी उंगलियों को बाहर की ओर फैलाएं और मध्यमा को सीधा रखें.
- स्टेप 7 सिर और गर्दन को ज़मीन की ओर रखिए और हिप्स को छत की ओर मेरूदंड के लम्बवत रखिए.
- स्टेप 8 केहुनियों को मोड़िये और छाती को जांघ की ओर ले जाइये.
- स्टेप 09 इस मुद्रा में 30 सेकेण्ड से 1 मिनट तक बने रहिए.
- स्टेप 10 धीरे धीरे सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में लौट आइये.