
पार्श्व विडाल मुद्रा Side Cat Pose . विडाल का अर्थ बिल्ली होता है.इस मुद्रा मे जिस प्रकार बिल्ली अपने पार्श्व भाग को देखती है उसी प्रकार देखने का अभ्यास किया जाता है.यह आसन रीढ और बगल के लिए लाभप्रद होता है.यह आसन किस प्रकार से लाभप्रद है एवं इस आसन को किस प्रकार से करना चाहिए आइये इसे देखें।
पार्श्व विडाल आसन के लाभ – Benefits of Parsva Bidalasana yoga
यह आसन पिंजरो को फैलने का मौका देता है.यह आसन बगल के भागों को सक्रिय और लचीला बनाता है.बगल के लिए बैठकर जिन आसनों का अभ्यास किया जाता है उन आसनों के स्थान पर इस आसन का प्रयोग किया जा सकता है, अत: जिस समय बैठने में कठिनाई हो उस समय इस योग मुद्रा का अभ्यास बगल के व्यायाम के लिए कर सकते हैं.
पार्श्व विडाल आसन अवस्था – Parsva Bidalasana yoga Posture and Technique
इस योग आसन का अभ्यास करेंगे तो आप पाएंगे कि एक तरफ शरीर लम्बा और दूसरी ओर संकुचित है.जिस ओर से शरीर लम्बा है उस ओर आप अपनी गर्दन, हिप्स, कमर और कंधे में खिंचाव महसूस करेंगे.इस मुद्रा में जब आप शरीर को घुमाते हैं उस समय हिप्स घुटनों कें ऊपर होना चाहिए.जिस दिशा में आप अपने शरीर को घुमाते हैं उस दिशा में सिर को भी घुमाते रहना चाहिए.
सावधानियां
जिनकी कलाईयों में किसी प्रकार की परेशानी या तकलीफ हो उन्हें टेबुल मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए.इस योग में घुटनों पर विशेष बल लगता है अत: घुटनों में तकलीफ की अवस्था में इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए.
योग क्रिया – Parsva Bidalasana yoga Step by Step
- स्टेप 1 टेबल मुद्रा के समान हथेलियों और घुटनों पर शरीर को स्थापित करें.
- स्टेप 2 दाएं कंघे और हिप्स को एक दिशा में घुमाएं.
- स्टेप 3 सिर को घुमाकर दांएं कंधे की ओर से दाएं हिप्स की ओर देखने की कोशिश करें.
- स्टेप 4 इस अवस्था में 5 से 30 सेकेण्ड तक बने रहें और वापस टेबल मुद्रा में लौट आएं.
- स्टेप 5 इस मुद्रा को दूसरी ओर भी इसी प्रकार से करते हुए 2 से 5 बार इसे दुहराएं.