
वीरासन अवस्था – Virasana Yoga Posture and Technique
श्वसन एवं ध्यान मुद्रा के संदर्भ में वीरासन काफी उपयोगी है. योग की यह मुद्रा संस्कृत के वीर शब्द से आया है जिसका अर्थ बहादुर होता है. इस योग के क्रम में अगर आपको अपने पैरों पर बैठने में कठिनाई महसूस हो तो कम्बल को मोड़कर उसके सहारे बैठ सकते हैं. इस स्थिति में आप धीरे धीरे पैरों को मोड़ने की कोशिश करें जिससे जंघाओं पर अधिक जोड़ नहीं पड़े. जब आप इस तरह कुछ हफ्ते इस योग का अभ्यास करेंगे तो आप अपने जंघाओं एवं घुटनों में लचीलापन महसूस करने लगेंगे और ज़मीन पर आसानी से पैरों के बल बैठ सकेंगे. अभ्यास के दौरान टखनों और घुटनों पर अधिक बल नहीं लगाना चाहिए.
सावधानियां
जब आपके घुटनों एवं टखनों में किसी प्रकार की परेशानी महसूस हो उस समय इस योग मुद्रा का अभ्यास नहीं करना चाहिए.
योग क्रिया - Virasana Yoga Step by Step
- स्टेप 1 घुटनों को मोड़ कर बैठें.
- स्टेप 2 पैरों को थोड़ा फैलाएं और हिप्स के सीध में रखें.
- स्टेप 3 पैरों को हिप्स से कुछ बाहर फैलाएं और तलवों के ऊपरी भाग को जमीन से लगाएं.
- स्टेप 4 आगे की ओर झुके और घुटनों के नीचे भाग पर हाथ रखें.
- स्टेप 5 सांस छोड़ते हुए अपने पैरो पर बैठें.
- स्टेप 6 अपने हाथों को घुटनों के ऊपर रखें.
- स्टेप 7 कंधों को आराम की मुद्रा में रखें और तन कर बैठें. सिर को सीधा रखें को सामने की ओर देखें. इस मुद्रा में 30 सेकेंड से 1 मिनट तक बने रहें.